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साक्षी महराज ने दत्तकगांव की तकदीर बदल दी ?






प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश के अनुसार जिले के सांसद को प्रत्येक वर्ष एक गांव को गोद लेकर उसका विकास करना था... इसी क्रम में अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले उन्नाव के सांसद साक्षी महराज ने 2014 यानी कि आज से करीब साढ़े तीन साल पहले उन्नाव मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूरी पर टीकर गढ़ी नामक गांव को गोद लिया.... और बड़े बड़े वादे किए ...और बड़े बड़े सपने दिखाए गए.....गांव को गोद लिए हुए तीन साल बीत गए.. विकास का नामोनिशान मिट गया...औऱ गाँव अपनी बदहाली पर आज आंसू टपका रहा है.. ग्रामीणों का कहना है कि गांव को गोद लेकर सांसद जी ने विकास की गति रोक दी है.... 

..उन्नाव जनपद का टीकर गढ़ी आदर्शगांव , आदर्शगांव सुनते ही आप के मन में एक शहर जैसे गाँव की परिकल्पना जरूर आ रही होगी.. लेकिन ऐसा कुछ भी नही है... दत्तकगाँव आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है... गांव की जनता को जो मूलभूत सुविधाएं बिजली पानी, सड़क, शौचालय मिलना चाहिए था... उन सुविधाओं से भी ये गांव पूरी तरह वंचित है... वजह सिर्फ एक बताया जाता है.... सांसद साक्षी महराज की अनदेखी का... साक्षी महराज को तो अपने विवादित बयानों से फुरसत मिलें तो विकास कर पाएं.. महराज जी को फुरसत कहां है कि गांव का विकास करें...



.. पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान के चलते पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त कराना था.... जिसके चलते कई अभियान भी चलाए गए... पर ‘चिराग तले अन्धेरा’ वाली कहावत को उन्ही के सांसद यथार्थ करने पर तुले हुए हैं..  टिकर गढ़ी गांव में 90 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं... साथ ही साथ सफाईकर्मी भी भले ही कभी गांव भूल से आ जाता हों..... जिस तरह से गंदगी के अम्बार लगा हुआ है... और नालियां ऊपर तक पटी हुई है... इसे देखकर अंदाजा  तो यही लगाया जा सकता है... कि सरकार के मंशा पर उनके ही सांसद पानी फेर रहे हैं...सांसद जी ने तो एकदम से विकास को मजाक बना दिया है...आखिरकार क्या यही है आदर्श गांव की कहानी...गांव वालों ने तो सोचा था..कि गांव की तकदीर खुल जाएगी...पर हुआ क्या ?...

..अब आगे बढ़ते हैं... आदर्श गांव को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सपने दिखाने वाले इस एक मात्र स्वास्थ्य केंद्र पर... स्वास्थ्य केंद्र में ANM दीदी भूल से कभी चली आती है.... स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से जर्जर हालत में है... हैण्डपम्प की तो पूछिए भी मत..कई महीनों से खराब पड़ा है... बिजली का पोल टूटा हुआ जमीन पर सो रहा है..और वहीं से वो भी रो रहा है..कि कोई उसे भी तो पूछ ले..पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है.. तो आप अंदाजा लगा ही लिए होंगे कि बिजली कितनी आती होगी... सफाई के स्लोगन तो दीवार पर लिखे गए हैं... 'एक कदम स्वच्छता की ओर' .....पर सड़को पर तो गंदगी हंसती हुई दिखाई दे रही है...लोगों को बीमारी का दावत भी दे रही है.. यही प्यारा आदर्श गांव जहां किसी के साथ यदि कोई दुर्घटना हो जाए ..तो कोई स्वास्थ्य केंद्र तक इस गांव में नहीं बना है कि क्षेत्रवासियों का  इलाज हो जाए... सबसे बड़ी बात ये है..ये तो आदर्श गांव है...पर गांव की जनता करें तो करे क्या....इस गांव की गाथा यहीं नही खत्म होती..हम आपको और बताते हैं..
..अब आप तो समझ ही गए होंगे कि गांव के लोगों को कितनी सुख-  सुविधाएं मिल रही हैं....तो चलिए झूठ से पर्दा हटाने की कोशिश करते हैं.. औऱ आपको बताते हैं कि कितनी सुख-सुविधाओं से लैस है ये आदर्श गांव.....आदर्शगांव में तो नाली खड़ंजा, पानी,  बिजली, स्वास्थ्य, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भले ही हमारे बड़बोले सांसद साक्षी महराज न दे पाएं हों... लेकिन अपने आश्रम को बनाने के नाम पर एक गरीब की जमीन जरूर ले  ली है... हम बात कर रहे है इसी आदर्शगांव में रहने वाले गरीब किसान गंगा प्रसाद लोधी की....जिसके पास महज 3 बीघा जमीन थी... सन् 2014 में गांव गोद लेने आए सांसद की काली नजर इस गरीब की जमीन पर पड़ गई...तो फिर क्या कहना था... कई तरह के लॉलीपॉप गरीब परिवार को थमा दिया गया.... यहां गौशाला बनवाएंगे... आश्रम बनेगा.. चहल पहल रहेगी.. गांव का विकास तो होगा ही... ये सब कहकर गरीब की जमीन बिना किसी  पैसों के ले ली गई...पर जो वादे किए गए थें..वादे सिर्फ वादे ही थे... मुख्य मुद्दा तो जमीन को अपने नाम करवाना था... बेचारे गंगा प्रसाद की सुध लेने आज कोई नहीं आता... खुद खाना बनाकर दोनों बूढ़े दंपति किसी तरह से जीवन चला रहे हैं... किसान न्याय की आस लगाए हुए बैठा कि यहां कोई आश्रम बनवा दे... या उसकी जमीन वापस कर दे...पर इस गरीब बेचारे की सुधि लेने को कोई भी तैयार नहीं है....


 ..गांव के पूर्व प्रधान से बताचीत के दौरान.. कैमरे के सामने प्रधान जी ने तो गुडवर्क का पुल बांधना चाहा... पर ज्यादा देर तक टिक नहीं पाएं..टिकेंगे कैसे..जब कही बातों में कुछ सच्चाई हो तब तो....और प्रधान जी ने तो यहां तक कहा कि आखिरकार कब तक आप लोगों को गुमराह करते रहोगे....
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 गरीबों की आवाज 'नवीन कुमार' (young journalist) 
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